किशाऊ बांध परियोजना में हिमाचल को बड़ी सफलता, 8 वर्ष पुराना वित्तीय विवाद सुलझा: मुख्यमंत्री




1. 8 साल पुराना वित्तीय विवाद खत्म
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 16 जून को नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक में 8 साल से अटका वित्तीय गतिरोध सुलझ गया। अब 422 मेगावाट की किशाऊ बांध परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
2. हिमाचल पर वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा
* परियोजना की कुल लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये है। • विद्युत घटक की लगभग 2,000 करोड़ रुपये लागत अब दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा वहन करेंगे। • पहले की जयराम सरकार ने हिमाचल के हिस्से के 800 करोड़ देने की सहमति दी थी, लेकिन मौजूदा सरकार ने सीमित संसाधनों के कारण इसे नहीं माना।
3. हिमाचल को क्या मिलेगा
* परियोजना पूरी होने पर हिमाचल को हर साल करीब 100 करोड़ यूनिट बिजली मिलेगी। • इसकी अनुमानित कीमत करीब 600 करोड़ रुपये सालाना होगी।
परियोजना कहां है:
यह बांध टौंस नदी पर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर प्रस्तावित है। सीएम सुक्खू ने कहा कि सबसे ज्यादा विस्थापन और भौगोलिक प्रभाव हिमाचल पर पड़ेगा, इसलिए राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं था।
